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  रेटिंग आज कल बहुत चलन में है । रेटिंग क्या है? जब हमारा व्यवहार किसी से होता है हम किसी से मिलते हैं, या कोई हमारे घर आता है और हम उसके जाने के तुरंत बाद उस इंसान का व्यवहार उसकी बातचीत के बिना पर उसको रेटिंग देने में ज़रा भी देर नहीं लगाते कि वह बोलते कैसे थे और खाते कैसे थे। अक्सर घरों में तो मेहमान जाते भी नहीं हैं और लोग किचन में या दूसरे कमरे में ही रेटिंग देना शुरू कर देते हैं कि वह चाय कैसे पी रहे हैं और उनको बात करने की तमीज़ भी नहीं है और इस तरह की ना जाने कितनी ही बातों से सामने वाले को रेटिंग दे देते हैं। ऐसा नहीं है कि सामने वाले को सिर्फ खराब रेटिंग ही मिले। बहुत सारे लोगों को बहुत अच्छी भी रेटिंग मिल जाती है। यह बात तो हो गयी उस रेटिंग की जो हम यों ही देते रहते हैं। लेकिन अब तो रेटिंग ज़रूरत बन गयी है। आप कहीं ola से गये हैं तो payment के साथ आप को rating भी करनी होती है कि driver का व्यवहार कैसा है उसने समय से पहुंचाया या नहीं आदि।  इस तरह की बातों के लिए driver को रेटिंग करना ज़रूरी है क्योंकि driver की यही rating देख कर तो हम ola से गाड़ी बुक करते हैं। अब बा...

New Year | New year Story | Happy New year

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  नया साल मुबारक नया साल की इतनी उत्सुकता क्यों?? नया साल क्या है??? नया साल की इतनी तैयारी क्यों??? ऐसे ही बहुत सारे सवाल मन में आते हैं। लेकिन अक्सर जवाब नहीं मिल पाते, और जब सही जवाब न मिले तो सवाल अपनी जगह पर खड़ा रहता है। एक साल जाता है तो नया साल आता है, और हम सब इस उम्मीद में खुश होते हैं कि नया साल हम सब के लिए खुशियां और नया पैग़ाम लायेगा। लेकिन होता क्या है एक तारीख को खुशियां मनाने के बाद हमारी जिंदगी वापस उसी डगर पर वापस आ जाती है जिस राह पर हम पुराने साल चल रहे थे। क्यों न इस साल हम कुछ नया करें, अब हम नया साल नहीं नया दिन मनायें, हर दिन एक नयी उम्मीद, हर दिन एक नया जोश। दिन भर के काम के बाद रात को  हम घर वापस आयें तो बहुत ज्यादा थके हुए होने के बावजूद मन में यह उत्साह रहे कि कल का दिन नये जोश और नये उमंग के साथ जियेंगे। हर कल का नये साल की तरह इंतेज़ार करें। हर आज को नये साल की तरह जियें। हर दिन new day के रूप में मनाये। #Little_Star

2021| 2022 | New Year | Happy New Year

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   दस्तक...... ज़िन्दगी गुज़र रही थी ऐसी कि जैसी हम चाहते ना थे। हंस-बोल रहे थे हम, खा-पी भी रहे थे हम। मगर कुछ अंदर का डर जो बाहर भी दिख रहा था। और फिर हम इंतेज़ार करने लगे किसे ऐसे का जो हमारी मुश्किल को दूर कर दे। और फिर तुम्हारे आने की आहट सुनाई दी। और हम इन्तेज़ार करने लगे तुम्हारी दस्तक का। क्योंकि तुम्हारी आहट हमको मिल गयी थी की तुम आने वाले हो। पता नहीं क्यों तुम्हारा ख्याल आते ही एक खुशी एक उम्मीद मन में जाग जाती थी।  ज़िन्दगी में बहुत सारी परेशानी थी मगर कुछ आसानी भी थी। ज़िन्दगी बहुत अच्छी तो नहीं मगर बुरी भी नहीं गुज़र रही थी। हम सब साथ रहे थे। मगर एक खालीपन था।  और फिर तुम्हारी वह आहट। हम तुम्हें अपने पास बुलाना चाहते थे। हम तुम्हारे साथ रहना चाहते थे। हम जीना चाहते थे तुम्हारे साथ। मगर हम को इंतेज़ार करना था तुम्हारा। क्योंकि तुम को आने में कुछ वक्त था। और हमको उस वक्त का इंतेज़ार था जब तुम आओगे।  हम तुम्हारा स्वागत बहुत धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ करना चाहते थे। मगर हम डर रहे थे। उस अनहोनी से जो पीछे हमारे साथ हो चुकी थी। हमको वह वक्त अभी भी याद ह...

Lockdown | Lockdown Story

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  लॉकडाउन..... एक यह सदी एक वह सदी........ 👁️  कहते हैं हर ज़माना लौट के आता है। मगर ज़रा बदलाव के साथ।  🎲  फिर चाहे वह कपड़ों का हो, खाने का हो या फिर आप के किये कर्म का हो। हर वक्त लौट के आता है। यह याद दिलाने के लिए की यह काम पहले भी हो चुका है। 🗝️ अब हम जो बात कह रहे हैं वह ज़्यादा दूर की नहीं बल्कि हमारे आस-पास हो रहे कामों को देख कर कह रहे हैं। 🔐 लॉकडाउन की वजह से जब लोगों का काम धंधा लगभग बंद हो गया। अगर कुछ चल रहा था। तो वह थी खाने-पीने की दुकान जैसे-अनाज, फल, दूध, सब्ज़ी आदि। 💀 तब फिर एक दौर शुरू हुआ। इन्हीं सब चीजों की दुकान खुलने का। और फिर देखते-ही-देखते हर रोज़ हर गली मुहल्ले या यूं कह लें कि हर घर में एक दुकान खुलने लगी। और हर दूसरा आदमी फल सब्ज़ी और किराना की दुकान खोलने लगा। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई। क्योंकि इसी के साथ-साथ हर घर में पके हुए खाने, फास्ट-फूड, बिरयानी पराठों से लेकर अचार पापड़ तक का मीनू Social Networking के जरिए से सामने आने लगा। जो कि बहुत ही मुनासिब दाम में और साथ ही साथ होम डिलीवरी की सुविधा के साथ। 📈 जिन कामों को कभी हम ऐब सम...

Emoji Life | Love Life

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  इमोजी लाइफ..... यह दौर नहीं है खत का शायद Message का ज़माना है Fb और insta की कहानी है मैसेज लिखते हैं मुहब्बत का वह और कर देते हैं delete all  भी आज वह कहां और तुम कहां हर तन्हाई का साथी है यहां याद उनकी जो आ जाए कभी WhatsApp और messenger है ना बातें वह जो दिल की है हो जाती यहां अक्सर कभी voice तो कभी video call से कहने को तो हर बात ही हो जाती है मुकम्मल कहना ना यहां हम को कुछ भी ना अगर हो है रास्तें और भी इन सब के सिवा हर बात की हर सोच की हर याद की यहां हर चीज़ की हर फेस की हर काम की यहां है नाम यहां उसका Emoji कभी smiley है नाम तो इमोजी मगर काम बहुत हैं एक बात जो कहना है तो सौ रास्ते यहां हूं सोचती फिर भी मैं यह बातें अक्सर हर काम मुकम्मल है हर बात मुकम्मल करना जो कभी चाहें, बातें वह कभी मन की लफ़्ज़ों की कमी जब हो कहना भी ज़रूरी हो हो बात जो कुछ कहना कह फिर भी ना पाते हो ऐसे में इमोजी ही फिर साथ निभाता है यह सच है मुहब्बत की Emoji है बहुत लेकिन जो बात रहती है काग़ज़ पे कलम से लिख कर के वह बात नहीं लेकिन message की लिखावट में वह बात नहीं रहती इमोजी की इमोजी में वह खत...

Rickshe Wala | रिक्शे वाला | success

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  रिक्शेवाले..... कोशिश करके थक गयी वह हार के घर जा रही थी वह मन में निराशा,आंख में आंसू बोझल मन से रिक्शे पे बैठी रिक्शा चला, और आगे बढ़ा जो अपनी निराशा और थकन को भूल के वह बस तकती रह गई एक बुजुर्ग की वह मेहनत जो रिक्शा चला कर हो रही लेकिन फिर भी मेहनत वह करना उनकी मजबूरी है ऐसा कैसे सोच यह हम ले क्योंकि समझें हम मजबूरी जिसको मजबूरी को फ़र्ज़ समझ कर करना उनकी आदत है। पहुंचे जब तक हम घर तक मन की निराशा छट गई थी उम्मीदों की एक किरण को रिक्शे वाले ने जला फिर दी  कोशिश करना तब तक है कामयाबी ना मिल जाए जब तक की #Little_Star

हौसलों की उड़ान |

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  हौसलों से हारी मजबूरियां हज़ारों  बात हौसलों की जब कहीं भी होती है ज़िन्दगी आपकी आंखों में तैर जाती है   65 साल की उम्र में हौसलों को दे रही नई ऊंचाईयां कहते हैं जिनके हैसले बुलन्द होते हैं वह मुश्किलों में भी आसानियां ढूंढ लेते हैं। फिर वह मुश्किल शारिरिक हो या सामाजिक। इन्हीं हौसलों की एक मिसाल हैं नईमा जी....... नईमा जी जो किसी जमाने से इस ज़माने तक अपने हुनर को लेकर बहुत ही मशहूर हैं। बचपन से जिनको सिलाई कढ़ाई का शौक था। और उन का यह शौक सिर्फ शैक तक सीमित नहीं था। बल्कि वह बहुत ही बेहतरीन सिलाई कढ़ाई करती भी थीं।  वक्त का पहिया चलता रहा। ज़िन्दगी खुशी, दुख और आज़माईशों का सफर तय करती हुई आगे बढ़ती रही। और इन्हीं सफर में जब नईमा जी के पति को एक के बाद एक कई बिमारियों ने घेर लिया। ऐसे वक्त में नईमा जी ने अपने हुनर को अपना पेशा बनाने का फैसला किया। और उन्होंने अपनी कढ़ाई के हुनर को चुना। लेकिन चूंकि हाथ की कढ़ाई में समय और मेहनत बहुत लगती है। इस लिए उन्होंने एक एंब्रॉयडरी मशीन खरीदी। और फिर उस पर एंब्रॉयडरी बनाना सीखा। किसी ट्रेनर या कोर्स के बिना। और फिर शुरू हो ...