इश्क With Love | poetry | Beautiful poetry
इश्क With Love उसे हम इश्क कहते हैं उसे हम ज़िन्दगी कहते जिसे तुम कहते पागलपन कभी दीवाना समझे हो तेरा हर काम करना वह तेरी हर बात मानना वह जिसे तुम नौकरी कहते उसे समझें इबादत हम तेरी वह खुशियां छोटी से तेरी फरमाइशें अक्सर जिसे कहते हो तुम नाटक उसे हम चाहतें कहते उसे एक छोटी सी ठोकर ही लगी जब भी है कदमों में जिसे कहते हो तुम छोटा हमारा दिल तड़प जाता तेरा वह रूठ जाना और मेरा फिर वह मनाना ही जिसे तुम मतलबी कहते उसे समझें खुदा हम हैं कभी जो अश्क आ जाये तेरी आंखों में गलती से जिसे तुम पानी समझे हो उसे समझें हैं अमृत हम तुझे समझें ना कोई है समझ मैं भी नहीं पाया जिसे तुम ज़र्रा समझें हो सितारा वह मेरे दिल का -Little-Star एक खत जो लिखा उसको.....